Sunday, 9 April 2017
Saturday, 29 August 2015
Jumle Hazaar
वो कहते रहे जुमले हज़ार
और ये दिल तबले की थाप सा बजता रहा
असमंजस की क्या कहूँ इनसे
जो ये समय ही मेरा ना रहा
खिसक रही है मंजिलें
रास्ता फिसल रहा
वो कहते रहे जुमले हज़ार
मैं बिजली के तार सा जलता रहा
वक़्त बदल देता है हर इंसान को
ये वक़्त की कैफियत है
क्या है वो इंसान
जो वक़्त से पहले ही बदल रहा
वो कहते रहे जुमले हज़ार
मैं टूटे हुए हार सा बिखरता रहा।
और ये दिल तबले की थाप सा बजता रहा
असमंजस की क्या कहूँ इनसे
जो ये समय ही मेरा ना रहा
खिसक रही है मंजिलें
रास्ता फिसल रहा
वो कहते रहे जुमले हज़ार
मैं बिजली के तार सा जलता रहा
वक़्त बदल देता है हर इंसान को
ये वक़्त की कैफियत है
क्या है वो इंसान
जो वक़्त से पहले ही बदल रहा
वो कहते रहे जुमले हज़ार
मैं टूटे हुए हार सा बिखरता रहा।
Sapno Ka Jahaan
आ चल पलकों की चादर में एक ख़ाब समेंटे
पहले प्यार,ख़ुशी और सारे भाव
रुपया पैसा उसके बाद समेंटे
शिथिल रौशनी की जगमगाहट
बनावट की चकाचौंध से
आ चल अंधेरों में सुकून से भरा आसमां समेंटे
प्रयासों की निरंतरता से उपजी वो थकान समेंटे
छोटी-छोटी बातों पे अपने अपनों की
वो हलकी सी मुस्कान समेंटे
आ चल पलकों की चादर में
खुशियों से भरा जहां समेंटे।
पहले प्यार,ख़ुशी और सारे भाव
रुपया पैसा उसके बाद समेंटे
शिथिल रौशनी की जगमगाहट
बनावट की चकाचौंध से
आ चल अंधेरों में सुकून से भरा आसमां समेंटे
प्रयासों की निरंतरता से उपजी वो थकान समेंटे
छोटी-छोटी बातों पे अपने अपनों की
वो हलकी सी मुस्कान समेंटे
आ चल पलकों की चादर में
खुशियों से भरा जहां समेंटे।
Har Kadam ..
हर कदम मुश्किलें
हर कदम लड़ाई है
मेरा क्या कसूर ऐ खुदा
जो मेरी तक़दीर अजब बनाई है
मंजिलें बेफिक्र मुझसे
मैं उनको बेताब सा
हर कदम फिसल रहा
हर कदम चढ़ाई है
चल रहा हूँ राह पर
जो तूने ही दिखलाई है
हर कदम बदलती फ़ितरतें
हर कदम अंगड़ाई है।
हर कदम लड़ाई है
मेरा क्या कसूर ऐ खुदा
जो मेरी तक़दीर अजब बनाई है
मंजिलें बेफिक्र मुझसे
मैं उनको बेताब सा
हर कदम फिसल रहा
हर कदम चढ़ाई है
चल रहा हूँ राह पर
जो तूने ही दिखलाई है
हर कदम बदलती फ़ितरतें
हर कदम अंगड़ाई है।
Friday, 28 August 2015
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